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धनिये की पंजीरी बहुत ही स्वादिष्ट व पौष्टिक होती है। इसे जन्माष्टमी के त्यौहार पर बनाया जाता है। इसकी खास बात यह है कि आप इसे व्रत में भी खा सकते हैं जबकि सामान्य पंजीरी में आटा होने के कारण वह व्रत में नहीं खाई जाती। यह पंजीरी मुख्य रूप से जन्माष्टमी पर फलाहार के रूप में व्रत खोलने के लिये खाई जाती है, लेकिन आप इसे कभी भी बनाकर खा सकते हैं।

आवश्यक सामग्री:
धनिया पाउडर - 100 ग्राम (एक कप)
देसी घी - 3 टेबल स्पून
मखाने - आधा कप
पिसी चीनी या बूरा - आधा कप
पका नारियल - आधा कप (कद्दूकस किया हुआ)
काजू - 10
बादाम - 10
चिरोंजी - एक चम्मच

विधि:

सबसे पहले किसी कढ़ाई में 1 टेबल स्पून घी डालकर गर्म कीजिये और फिर इसमें बारीक पिसा धनिया डालकर सुगंध आने तक अच्छी तरह से भून लीजिये (आप चाहें तो यह पंजीरी पहले साबुत धनिया घी में भूनकर बाद में मिक्सर में बारीक पीस कर भी बना सकते हैं, लेकिन वह पंजीरी ज्यादा स्वादिष्ट नहीं लगती)।
जब तक धनिया भुने तब तक मखानों को 4-4 टुकड़ों में काट लीजिये और किसी पैन में बचा हुआ घी गर्म करके मखानों को उसमें डालकर भून लीजिये।
अब इन भुने मखानों को बेलन या किसी भारी चीज से दरदरा पीस लीजिये और काजू व बादाम को छोटे-छोटे टुकड़ों में काट लीजिये।

उसके बाद भुना हुआ धनिया पाउडर, दरदरे किये हुए मखाने, कद्दूकस किया हुआ नारियल, बूरा और मेवे मिला कर पंजीरी बना लीजिये।
धनिये की पंजीरी तैयार है। अब कृष्ण भगवान को इस पंजीरी का भोग लगाइये और फिर आप भी खाइये।
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